जाने आख़िर क्यों पपीते को अखबार में लपेटकर बेचा जाता है,जानकर चौक जाओगे आप।

क्यों पपीते को अखबार में लपेटकर बेचा जाता है? बाजार की बात करें तो हम लोग हमेशा ही बाजार में फल और सब्जी खरीदने के लिए जाते रहते हैं लेकिन आप लोगों ने बाजार में देखा ही होगा कि फलों और सब्जियों को बड़ी ही सावधानी से रखा जाता है ताकि वह जल्दी खराब ना हो जाए उन्हें सही दाम पर बेचा जा सके इन सबके अलावा फलों के बाजार में कभी आपने गौर किया हो तो यह भी देखा होगा कि पपीते को हमेशा ही अखबार में लपेटकर रखा जाता है लेकिन कभी क्या आपने सोचा है कि आखिरकार पपीते को अखबार में ही लपेटकर क्यों बेचा जा रहा (Why is papaya sold wrapped in newspaper?) है यदि नहीं सोचा है तो आज हम आपको बताते हैं कि आखिरकार ऐसा क्यों किया जाता है?

दरअसल पपीते को अखबार में लपेटकर बेचने के पीछे कई साइंटिफिक कारण हो सकते हैं जिन्हें नीचे समझाया जा रहा है-

ऐसा माना जाता है कि कई अन्य फलों की तरह ही पपीते के अंदर एथिलीन नामक एक प्राकृतिक गैस भी होती है जो वह उसको छोड़ता रहता है यह गैस उसके पकाने में एक अहम भूमिका निभाती है और यह गैस एंजाइम को ट्रिगर किया करते हैं जो स्टार्च को शुगर से ब्रेक कर लेता है और फल को नरम कर देता है और उसका स्वाद बढ़ता रहता है.

लेकिन जब आप पपीते को कागज में लपेटते हैं तो फल से निकलने वाली यही एथिलीन गैस बैंड जगह में फंस जाते हैं और इथाइल का यही काम पपीते की पकाने की प्रक्रिया को तेज कर देता है.

वही प्लास्टिक के स्थान पर कागज का इस्तेमाल ज्यादा जरूरी इसलिए है क्योंकि कागज और एक्सचेंज की अनुमति दे देता है और एक्स्ट्रा नमि को बढ़ाने से भी रोकता है वहीं दूसरी तरफ प्लास्टिक नमी को फंसा कर रख लेता है जिससे उसकी बनावट चिपचिपी और फफूंद युक्त भी हो सकती है इसलिए कागज का उपयोग करना या अखबार में लपेटना ज्यादा बेहतर होता है.

वही पपीता शुरू में ही कितना हारा हुआ करता था इसके बाद इस पेपर बैग या फिर अखबार में रखने से दो या तीन दिनों के अंदर ही यह पपीता आसानी से हार से पीला होने लगता है यानी की पक जाता है.

India’s Top Smartphone Brands List: इस मोबाइल कंपनी ने सैमसंग को धूल चटाकर बन गई भारत की नंबर 1 स्मार्टफोन कंपनी

Whatsapp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Leave a Comment